ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Lādnūn, राजस्थान

Lādnūn — पंचांग

28 अक्टूबर 2027, गुरुवार

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
05:13
चंद्रास्त
16:48
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अक्टूबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण चतुर्दशी
20:48 तक
अगली: कृष्ण अमावस्या
प्रगति36%
नक्षत्र
हस्त (4 पाद)
11:37 तक
अगली: चित्रा
स्वामी: चंद्र
योग
विष्कम्भ
03:02 तक
अगला: प्रीति
अशुभ
करण
विष्टि
09:47 तक
शकुनि
20:48, 28 अक्टू तक
अगला: चतुष्पद
अशुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण चतुर्दशी· 20:48 तक
कृष्ण अमावस्या
नक्षत्र
हस्त · पद 4· 11:37 तक
चित्रा
योग
विष्कम्भ· 03:02 तक
प्रीति
करण
विष्टि· 09:47 तक
शकुनि
वार
गुरुवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशितुला
नक्षत्रस्वाति
पद2
देशांतर190°08'05"
चन्द्रमा
राशिकन्या
नक्षत्रहस्त
पद4
देशांतर170°25'38"

राशि

चंद्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
तुला

Lādnūn — शुभ-अशुभ समय

✦ शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त
04:58 — 05:49
प्रातः सन्ध्या
05:39 — 06:40
अभिजित मुहूर्त
11:54 — 12:38
अमृत कालविशेष
13:40 — 15:04
विजय मुहूर्त
14:08 — 14:53
गोधूलि मुहूर्त
17:50 — 18:18
सायाह्न सन्ध्या
17:52 — 18:53
निशिता मुहूर्त
23:50 — 00:42
✦ अशुभ काल
राहु काल
13:40 — 15:04
यमगंड काल
06:40 — 08:04
गुलिक काल
09:28 — 10:52
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:24 — 11:09
✦ खगोलीय समय
सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
17:52
मध्याह्न
12:16
चंद्रोदय
05:13
चंद्रास्त
16:48

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह
पूर्णिमान्त
मार्गशीर्ष
चन्द्र माह
अमान्त
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
रौद्र
2084
शक संवत्
प्लवंग
1949
गुजराती संवत्
काललुक्त
2083
बृहस्पति संवत्सर
रौद्र

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
हस्त
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
सूर्य
सूर्य नक्षत्र
स्वाति
पद 2स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 11 मिनट 54 सेकण्ड
27 घटी 60 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 48 मिनट 06 सेकण्ड
32 घटी 0 पल
मध्याह्न (सौर)
12:16
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

नक्षत्र पाद विवरण — हस्त

पाद 4
11:37
28 अक्टू तक

दिशा शूल एवं अन्य

दिशा शूल
दक्षिण
आज दक्षिण दिशा में यात्रा वर्जित
लहिरी अयनांश
24.2525°
पंचक
पंचक नहीं

अन्य कैलेण्डर एवं युग

कलियुग
5128वर्ष
कलि अहर्गण
1873241दिन
जूलियन दिवस
2461706.5
राता डाई
740282
मॉ. जूलियन
61706
राष्ट्रीय शक
कार्तिक 4, 1949 शक

दिन का चौघड़िया — 28 अक्टूबर 2027, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:4008:04
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
08:0409:28
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
09:2810:52
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
10:5212:16
चर
यात्रा, वाहन चालन
12:1613:40
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
13:4015:04
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
15:0416:28
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
16:2817:52
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

17:5219:28
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
19:2821:04
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:0422:40
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
22:4000:16
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:1601:52
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:5203:28
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
03:2805:04
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
05:0406:40
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

Lādnūn पंचांग — अक्टूबर 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 28 अक्टूबर 2027, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Lādnūn पंचांग — 28 अक्टूबर 2027, गुरुवार

Lādnūn (राजस्थान) के लिए 28 अक्टूबर 2027, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Lādnūn के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Lādnūn में 28 अक्टूबर 2027, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

Lādnūn में 28 अक्टूबर 2027, गुरुवार को सूर्योदय 06:40 बजे और सूर्यास्त 17:52 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Lādnūn में 28 अक्टूबर 2027, गुरुवार को राहु काल कब है?

Lādnūn में 28 अक्टूबर 2027, गुरुवार को राहु काल 13:40 से 15:04 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Lādnūn में 28 अक्टूबर 2027, गुरुवार को तिथि क्या है?

Lādnūn में 28 अक्टूबर 2027, गुरुवार को कृष्ण चतुर्दशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।