ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Lādnūn, राजस्थान

Lādnūn — पंचांग

31 अक्टूबर 2027, रविवार

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
17:50
चंद्रोदय
08:24
चंद्रास्त
18:55
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अक्टूबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
17:13 तक
अगली: शुक्ल तृतीया
प्रगति55%
नक्षत्र
विशाखा (4 पाद)
09:31 तक
अगली: अनुराधा
स्वामी: बृहस्पति
योग
सौभाग्य
20:57 तक
अगला: शोभन
शुभ
करण
कौलव
17:13 तक
तैतिल
05:09, 1 नव तक
अगला: गर
शुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वितीया· 17:13 तक
शुक्ल तृतीया
नक्षत्र
विशाखा · पद 4· 09:31 तक
अनुराधा
योग
सौभाग्य· 20:57 तक
शोभन
करण
कौलव· 17:13 तक
तैतिल
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशितुला
नक्षत्रस्वाति
पद2
देशांतर193°07'59"
चन्द्रमा
राशिवृश्चिक
नक्षत्रविशाखा
पद4
देशांतर211°45'60"

राशि

चंद्र राशि
वृश्चिक
सूर्य राशि
तुला

Lādnūn — शुभ-अशुभ समय

✦ शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त
04:59 — 05:51
प्रातः सन्ध्या
05:41 — 06:42
अभिजित मुहूर्त
11:54 — 12:38
अमृत कालविशेष
10:52 — 12:16
विजय मुहूर्त
14:07 — 14:52
गोधूलि मुहूर्त
17:48 — 18:15
सायाह्न सन्ध्या
17:50 — 18:50
निशिता मुहूर्त
23:50 — 00:42
✦ अशुभ काल
राहु काल
16:26 — 17:50
यमगंड काल
12:16 — 13:39
गुलिक काल
15:03 — 16:26
प्रथम दुर्मुहूर्त
16:21 — 17:05
✦ खगोलीय समय
सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
17:50
मध्याह्न
12:16
चंद्रोदय
08:24
चंद्रास्त
18:55

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह
पूर्णिमान्त
कार्तिक
चन्द्र माह
अमान्त
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
रौद्र
2084
शक संवत्
प्लवंग
1949
गुजराती संवत्
काललुक्त
2083
बृहस्पति संवत्सर
रौद्र

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
विशाखा
नक्षत्र स्वामी
बृहस्पति
नक्षत्र देवता
इंद्राग्नि
सूर्य नक्षत्र
स्वाति
पद 2स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 07 मिनट 32 सेकण्ड
27 घटी 49 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 52 मिनट 28 सेकण्ड
32 घटी 11 पल
मध्याह्न (सौर)
12:16
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

नक्षत्र पाद विवरण — विशाखा

पाद 4
09:31
31 अक्टू तक

दिशा शूल एवं अन्य

दिशा शूल
पश्चिम
आज पश्चिम दिशा में यात्रा वर्जित
लहिरी अयनांश
24.2526°
पंचक
पंचक नहीं

अन्य कैलेण्डर एवं युग

कलियुग
5128वर्ष
कलि अहर्गण
1873244दिन
जूलियन दिवस
2461709.5
राता डाई
740285
मॉ. जूलियन
61709
राष्ट्रीय शक
कार्तिक 7, 1949 शक

दिन का चौघड़िया — 31 अक्टूबर 2027, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:4208:06
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
08:0609:29
चर
यात्रा, वाहन चालन
09:2910:52
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:5212:16
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
12:1613:39
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
13:3915:03
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
15:0316:26
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
16:2617:50
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

17:5019:26
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
19:2621:03
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
21:0322:39
चर
यात्रा, वाहन चालन
22:3900:16
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
00:1601:52
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
01:5203:29
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
03:2905:06
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
05:0606:42
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

Lādnūn पंचांग — अक्टूबर 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 31 अक्टूबर 2027, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Lādnūn पंचांग — 31 अक्टूबर 2027, रविवार

Lādnūn (राजस्थान) के लिए 31 अक्टूबर 2027, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Lādnūn के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Lādnūn में 31 अक्टूबर 2027, रविवार को सूर्योदय कब है?

Lādnūn में 31 अक्टूबर 2027, रविवार को सूर्योदय 06:42 बजे और सूर्यास्त 17:50 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Lādnūn में 31 अक्टूबर 2027, रविवार को राहु काल कब है?

Lādnūn में 31 अक्टूबर 2027, रविवार को राहु काल 16:26 से 17:50 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Lādnūn में 31 अक्टूबर 2027, रविवार को तिथि क्या है?

Lādnūn में 31 अक्टूबर 2027, रविवार को शुक्ल द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।