ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
लिंगराज, ओडिशा

लिंगराज — पंचांग

15 मार्च 2025, शनिवार

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
18:52
चंद्रास्त
06:22
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

मार्च 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
15 मार्च 2025, शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
14:33 तक
अगली: कृष्ण द्वितीया
प्रगति67%
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी (4 पाद)
08:54 तक
अगली: हस्त
स्वामी: सूर्य
योग
गंड
13:59 तक
अगला: वृद्धि
अशुभ
करण
कौलव
00:00 तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण प्रतिपदा· 14:33 तक
कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी · पद 4· 08:54 तक
हस्त
योग
गंड· 13:59 तक
वृद्धि
करण
कौलव· 00:00 तक
तैतिल
वार
शनिवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमीन
नक्षत्रपूर्वभाद्रपद
पद4
देशांतर330°27'51"
चन्द्रमा
राशिकन्या
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद4
देशांतर158°30'48"

राशि

चंद्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
मीन

लिंगराज — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 — 05:07
प्रातः सन्ध्या
05:07 — 06:43
सूर्योदय
05:55
अभिजित मुहूर्त
11:32 — 12:20
अमृत कालविशेष
14:56 — 16:26
विजय मुहूर्त
15:32 — 16:20
गोधूलि मुहूर्त
17:32 — 18:20
सूर्यास्त
17:56
सायाह्न सन्ध्या
17:59 — 19:08
निशिता मुहूर्त
23:32 — 00:20
राहु काल
08:55 — 10:26
यमगंड काल
13:26 — 14:56
गुलिक काल
05:55 — 07:25
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:55 — 09:41
द्वितीय दुर्मुहूर्त
14:56 — 15:41
चंद्रोदय
18:52
चंद्रास्त
06:22
मध्याह्न
11:56
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
वैशाख
चन्द्र माह (अमान्त)
चैत्र
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
उत्तर फाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अर्यमा
सूर्य नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
पद 4स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 01 मिनट 00 सेकण्ड
30 घटी 3 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 59 मिनट 00 सेकण्ड
29 घटी 58 पल
मध्याह्न (सौर)
11:56
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 15 मार्च 2025, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:5507:25
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
07:2508:55
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
08:5510:26
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:2611:56
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
11:5613:26
चर
यात्रा, वाहन चालन
13:2614:56
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
14:5616:26
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
16:2617:56
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

17:5619:26
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
19:2620:56
चर
यात्रा, वाहन चालन
20:5622:26
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
22:2623:56
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
23:5601:26
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
01:2602:55
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
02:5504:25
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
04:2505:55
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

लिंगराज पंचांग — मार्च 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 15 मार्च 2025, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

लिंगराज पंचांग — 15 मार्च 2025, शनिवार

लिंगराज (ओडिशा) के लिए 15 मार्च 2025, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग लिंगराज के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिंगराज में 15 मार्च 2025, शनिवार को सूर्योदय कब है?

लिंगराज में 15 मार्च 2025, शनिवार को सूर्योदय 05:55 बजे और सूर्यास्त 17:56 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

लिंगराज में 15 मार्च 2025, शनिवार को राहु काल कब है?

लिंगराज में 15 मार्च 2025, शनिवार को राहु काल 08:55 से 10:26 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

लिंगराज में 15 मार्च 2025, शनिवार को तिथि क्या है?

लिंगराज में 15 मार्च 2025, शनिवार को कृष्ण प्रतिपदा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।