ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
लिंगराज, ओडिशा

लिंगराज — पंचांग

26 मार्च 2025, बुधवार

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
03:25
चंद्रास्त
14:54
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मार्च 2025 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण द्वादशी
00:00 तक
अगली: कृष्ण त्रयोदशी
प्रगति9%
नक्षत्र
धनिष्ठा (1 पाद)
00:00 तक
अगली: शतभिषा
स्वामी: मंगल
योग
सिद्ध
12:25 तक
अगला: साध्य
शुभ
करण
कौलव
00:00 तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण द्वादशी· 00:00 तक
कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा · पद 1· 00:00 तक
शतभिषा
योग
सिद्ध· 12:25 तक
साध्य
करण
कौलव· 00:00 तक
तैतिल
वार
बुधवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमीन
नक्षत्रउत्तरभाद्रपद
पद3
देशांतर341°23'06"
चन्द्रमा
राशिमकर
नक्षत्रधनिष्ठा
पद1
देशांतर294°27'16"

राशि

चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
मीन

लिंगराज — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 — 04:58
प्रातः सन्ध्या
04:58 — 06:34
सूर्योदय
05:46
अभिजित मुहूर्त
11:28 — 12:16
अमृत कालविशेष
07:17 — 08:49
विजय मुहूर्त
15:33 — 16:22
गोधूलि मुहूर्त
17:35 — 18:23
सूर्यास्त
17:59
सायाह्न सन्ध्या
18:02 — 19:11
निशिता मुहूर्त
23:28 — 00:16
राहु काल
11:52 — 13:24
यमगंड काल
05:46 — 07:17
गुलिक काल
10:21 — 11:52
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:21 — 11:07
चंद्रोदय
03:25
चंद्रास्त
14:54
मध्याह्न
11:52

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
वैशाख
चन्द्र माह (अमान्त)
चैत्र
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
धनिष्ठा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
वसु
सूर्य नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद
पद 3स्वामी: शनि

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 13 मिनट 48 सेकण्ड
30 घटी 34 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 46 मिनट 12 सेकण्ड
29 घटी 26 पल
मध्याह्न (सौर)
11:52
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 26 मार्च 2025, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:4607:17
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
07:1708:49
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:4910:21
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:2111:52
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
11:5213:24
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
13:2414:56
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
14:5616:28
चर
यात्रा, वाहन चालन
16:2817:59
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

17:5919:28
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
19:2820:56
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
20:5622:24
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
22:2423:52
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
23:5201:21
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:2102:49
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:4904:17
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:1705:46
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

लिंगराज पंचांग — मार्च 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 26 मार्च 2025, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

लिंगराज पंचांग — 26 मार्च 2025, बुधवार

लिंगराज (ओडिशा) के लिए 26 मार्च 2025, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग लिंगराज के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिंगराज में 26 मार्च 2025, बुधवार को सूर्योदय कब है?

लिंगराज में 26 मार्च 2025, बुधवार को सूर्योदय 05:46 बजे और सूर्यास्त 17:59 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

लिंगराज में 26 मार्च 2025, बुधवार को राहु काल कब है?

लिंगराज में 26 मार्च 2025, बुधवार को राहु काल 11:52 से 13:24 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

लिंगराज में 26 मार्च 2025, बुधवार को तिथि क्या है?

लिंगराज में 26 मार्च 2025, बुधवार को कृष्ण द्वादशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।