ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
26°50'48"N · 80°56'46"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
शनिवार — पञ्चाङ्ग गणना

18.6जून 2022

शनिवार · 18 जून 2022
शनि वार·कृष्ण पक्ष·आषाढ़ मास·संवत् 2079 राक्षस
लखनऊ
उत्तर प्रदेश
26°50'48"N  80°56'46"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
पंचमीकृष्ण पक्ष
00:20 तक
ii.
नक्षत्र
श्रवण4 पाद
07:40 तक
iii.
योग
वैधृतिअशुभ
13:51 तक
iv.
करण
कौलव
13:35 तक
v.
वार
शनिवारशनि स्वामी
सूर्योदय 05:13

सूर्य आर्क

दिनमान · 13 घण्टे 50 मिनट
05:13सूर्योदय19:02सूर्यास्त12:07
अरुणोदय
03:37
मध्याह्न
12:07
दिनमान
13:50
प्रातः सन्धि
04:11

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 10 घण्टे 11 मिनट
23:03चन्द्रोदय09:02चन्द्रास्तकला ~83%
रात्रिमान
10:11
निशीथ
23:47
गोधूलि
19:00
कला
83%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:40 — 12:35
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
03:51 — 04:32
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
14:26 — 15:21
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
19:00 — 19:23
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:47 — 00:28
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:11 — 05:13
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
19:02 — 20:03
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
20:18 — 21:47
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
15:35 — 17:18
विशेष योग · आज सक्रिय
+
सर्वार्थ सिद्धिसिद्धिदायक
समस्त दिवस
+
आनन्दादि — स्थिरशुभ
07:40 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
08:40 — 10:24
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
13:51 — 15:35
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
05:13 — 06:56
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
11:23 — 12:52
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिकालशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतकाललाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाललाभ
वर्तमान
.
काल
05:13 — 06:56
दिन05:1319:02
1कालशनि05:1306:56
2शुभबृहस्पति06:5608:40
3रोगमंगल08:4010:24
4उद्वेगसूर्य10:2412:07
5चरशुक्र12:0713:51
6लाभबुध13:5115:35
7अमृतचंद्र15:3517:18
8कालशनि17:1819:02
रात्रि19:02 → अगला सूर्योदय
1लाभबुध19:0220:18
2उद्वेगसूर्य20:1821:35
3शुभबृहस्पति21:3522:51
4अमृतचंद्र22:5100:07
5चरशुक्र00:0701:24
6रोगमंगल01:2402:40
7कालशनि02:4003:56
8लाभबुध03:5605:13
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
शनि
05:13 — 06:22
iशनि05:13
iiगुरु06:22
iiiमङ्गल07:31
ivसूर्य08:40
vशुक्र09:49
viबुध10:58
viiचन्द्र12:07
viiiशनि13:16
ixगुरु14:26
xमङ्गल15:35
xiसूर्य16:44
xiiशुक्र17:53
xiiiबुध19:02
xivचन्द्र19:53
xvशनि20:44
xviगुरु21:35
xviiमङ्गल22:26
xviiiसूर्य23:17
xixशुक्र00:07
xxबुध00:58
xxiचन्द्र01:49
xxiiशनि02:40
xxiiiगुरु03:31
xxivमङ्गल04:22
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iमिथुन05:1207:20
iiकर्क07:2009:39
iiiसिंह09:3911:54
ivकन्या11:5414:09
vतुला14:0916:26
viवृश्चिक16:2618:44
viiधनु18:4420:49
viiiमकर20:4922:32
ixकुम्भ22:3200:02
xमीन00:0201:28
xiमेष01:2803:05
xiiवृष03:0505:02
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:1207:20
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मिथुन · i
07:2009:39
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
कर्क · ii
09:3911:54
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
सिंह · iii
11:5414:09
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कन्या · iv
14:0916:26
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
तुला · v
16:2618:44
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
वृश्चिक · vi
18:4420:49
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
धनु · vii
20:4922:32
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
मकर · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
स्थिर
परिवर्तन07:40
अगला योग
प्रवर्ध
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमपृथ्वी
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
पूर्व
दिशा-शूल
पूर्व
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पश्चिम
नक्षत्रानुसार
राहु वास
अग्नि
तिथि-आधारित
अग्नि वास
आकाश
अशुभ
भद्रा वास
पाताल
शुभ
शिव वास
वृषभ
शुभ
चन्द्र वास
दक्षिण
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
मृत्यु
त्याज्य
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · मिथुन राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातिअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषा
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
मिथुन
समस्त दिवस
नक्षत्र
मृगशिरा
3 पाद
देशान्तर
62°34'50"
62.58° सायन
गति
0.9544°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
मकर
चन्द्र राशि
नक्षत्र
श्रवण
4 पाद
गति
14.3903°
प्रति दिवस
देशान्तर
291°50'19"
291.84° सायन
कला — क्षयक्रम
83%
कृष्ण पक्ष · कृष्ण पंचमी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
कृष्ण
क्षयक्रम
मास — पूर्णिमान्त
आषाढ़
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
ज्येष्ठ
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
3
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
ग्रीष्म
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2079
राक्षस
शक संवत्
1944
शुभकृत
गुजराती संवत्
2078
प्रमादी
कलियुग वर्ष
5,123
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,71,283
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°10'39"
24.177581°
जूलियन दिवस
24,59,748
JD
संशोधित JD
59,748
MJD
जूलियन (पुरातन)
5 जून
2022
राष्ट्रीय सिविल
ज्येष्ठ 28
शक 1944
राष्ट्रीय निरयन
ज्येष्ठ 3
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,38,324
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
बुध
राजा
बुध
मन्त्री
गुरु
सेनाधिपति
शुक्र
मेघाधिपति
शनि
सस्याधिपति
सूर्य
धान्याधिपति
चन्द्र
फलाधिपति
मङ्गल
रसाधिपति
गुरु
धनाधिपति
बुध
निरसाधिपति
शुक्र
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
कृष्ण पंचमी
00:20
अगला
कृष्ण षष्ठी
22:19
+ २
कृष्ण सप्तमी

नक्षत्र

अब
श्रवण
07:40
अगला
धनिष्ठा
05:57
+ २
शतभिषा

योग

अब
वैधृति
13:51
अगला
विष्कम्भ
10:53
+ २
प्रीति

करण

अब
कौलव
13:35
अगला
तैतिल
00:20
+ २
गर
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°10'39"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्