ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
25°36'33"N · 85°08'15"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
गुरुवार — पञ्चाङ्ग गणना

26.3मार्च 2020

गुरुवार · 26 मार्च 2020
गुरु वार·शुक्ल पक्ष·चैत्र मास·संवत् 2077 प्रमादी
पटना
बिहार
25°36'33"N  85°08'15"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
द्वितीयाशुक्ल पक्ष
19:54 तक
ii.
नक्षत्र
रेवती4 पाद
07:17 तक
iii.
योग
ऐन्द्रशुभ
16:31 तक
iv.
करण
बालव
06:41 तक
v.
वार
गुरुवारगुरु स्वामी
सूर्योदय 05:47

सूर्य आर्क

दिनमान · 12 घण्टे 16 मिनट
05:47सूर्योदय18:03सूर्यास्त11:55
अरुणोदय
04:11
मध्याह्न
11:55
दिनमान
12:16
प्रातः सन्धि
04:37

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 11 घण्टे 42 मिनट
07:03चन्द्रोदय19:40चन्द्रास्तकला ~3%
रात्रिमान
11:42
निशीथ
23:31
गोधूलि
18:01
कला
3%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:31 — 12:20
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
04:12 — 04:59
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:58 — 14:47
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
18:01 — 18:27
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:31 — 00:18
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:37 — 05:47
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
18:03 — 19:14
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
02:07 — 03:54
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
13:27 — 14:59
विशेष योग · आज सक्रिय
+
सर्वार्थ सिद्धिसिद्धिदायक
समस्त दिवस
+
आनन्दादि — छत्रशुभ
07:17 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
13:27 — 14:59
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
05:47 — 07:19
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
08:51 — 10:23
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
05:42 — 07:30
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकसक्रिय
सक्रिय
गण्डमूलसक्रिय
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृत
वर्तमान
.
शुभ
05:47 — 07:19
दिन05:4718:03
1शुभबृहस्पति05:4707:19
2रोगमंगल07:1908:51
3उद्वेगसूर्य08:5110:23
4चरशुक्र10:2311:55
5लाभबुध11:5513:27
6अमृतचंद्र13:2714:59
7कालशनि14:5916:31
8शुभबृहस्पति16:3118:03
रात्रि18:03 → अगला सूर्योदय
1अमृतचंद्र18:0319:31
2चरशुक्र19:3120:59
3रोगमंगल20:5922:27
4कालशनि22:2723:55
5लाभबुध23:5501:23
6उद्वेगसूर्य01:2302:50
7शुभबृहस्पति02:5004:18
8अमृतचंद्र04:1805:46
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
गुरु
05:47 — 06:48
iगुरु05:47
iiमङ्गल06:48
iiiसूर्य07:50
ivशुक्र08:51
vबुध09:53
viचन्द्र10:54
viiशनि11:55
viiiगुरु12:57
ixमङ्गल13:58
xसूर्य14:59
xiशुक्र16:01
xiiबुध17:02
xiiiचन्द्र18:03
xivशनि19:02
xvगुरु20:01
xviमङ्गल20:59
xviiसूर्य21:58
xviiiशुक्र22:56
xixबुध23:55
xxचन्द्र00:53
xxiशनि01:52
xxiiगुरु02:50
xxiiiमङ्गल03:49
xxivसूर्य04:47
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iमीन05:4706:45
iiमेष06:4508:23
iiiवृष08:2310:20
ivमिथुन10:2012:34
vकर्क12:3414:52
viसिंह14:5217:06
viiकन्या17:0619:20
viiiतुला19:2021:36
ixवृश्चिक21:3623:53
xधनु23:5301:58
xiमकर01:5803:43
xiiकुम्भ03:4305:13
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:4706:45
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
मीन · i
06:4508:23
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · ii
08:2310:20
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
वृष · iii
10:2012:34
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मिथुन · iv
12:3414:52
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कर्क · v
14:5217:06
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
सिंह · vi
17:0619:20
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
कन्या · vii
19:2021:36
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
तुला · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
छत्र
परिवर्तन07:17
अगला योग
मानस
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमजल
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
दक्षिण
दिशा-शूल
दक्षिण
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
दक्षिण
नक्षत्रानुसार
राहु वास
नैऋत्य
तिथि-आधारित
अग्नि वास
आकाश
अशुभ
भद्रा वास
भूमि
त्याज्य
शिव वास
गौरी
शुभ
चन्द्र वास
उत्तर
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
हानि
त्याज्य
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
वृषमिथुनकन्यातुलामकरमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · सिंह राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातिअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषा
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
मीन
समस्त दिवस
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद
3 पाद
देशान्तर
341°39'39"
341.66° सायन
गति
0.9903°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
मीन
चन्द्र राशि
नक्षत्र
रेवती
4 पाद
गति
11.8985°
प्रति दिवस
देशान्तर
359°15'07"
359.25° सायन
कला — वृद्धिक्रम
3%
शुक्ल पक्ष · शुक्ल द्वितीया
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
शुक्ल
वृद्धिक्रम
मास — पूर्णिमान्त
चैत्र
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
चैत्र
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
12
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
वसन्त
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
वसन्त
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2077
प्रमादी
शक संवत्
1942
शार्वरी
गुजराती संवत्
2076
विरोधकृत
कलियुग वर्ष
5,121
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,70,469
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°08'47"
24.146451°
जूलियन दिवस
24,58,934
JD
संशोधित JD
58,934
MJD
जूलियन (पुरातन)
13 मार्च
2020
राष्ट्रीय सिविल
चैत्र 6
शक 1942
राष्ट्रीय निरयन
फाल्गुन 12
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,37,510
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
शनि
राजा
शनि
मन्त्री
सूर्य
सेनाधिपति
चन्द्र
मेघाधिपति
मङ्गल
सस्याधिपति
बुध
धान्याधिपति
गुरु
फलाधिपति
शुक्र
रसाधिपति
सूर्य
धनाधिपति
शनि
निरसाधिपति
चन्द्र
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
शुक्ल द्वितीया
19:54
अगला
शुक्ल तृतीया
22:13
+ २
शुक्ल चतुर्थी

नक्षत्र

अब
रेवती
07:17
अगला
अश्विनी
10:11
+ २
भरणी

योग

अब
ऐन्द्र
16:31
अगला
वैधृति
17:18
+ २
विष्कम्भ

करण

अब
बालव
06:41
अगला
कौलव
19:54
+ २
तैतिल
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°08'47"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्