ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
25°26'09"N · 81°50'47"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
गुरुवार — पञ्चाङ्ग गणना

14.1जनवरी 2021

गुरुवार · 14 जनवरी 2021
गुरु वार·शुक्ल पक्ष·पौष मास·संवत् 2077 प्रमादी
प्रयागराज
उत्तर प्रदेश
25°26'09"N  81°50'47"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
प्रतिपदाशुक्ल पक्ष
09:02 तक
ii.
नक्षत्र
श्रवण1 पाद
05:06 तक
iii.
योग
वज्रअशुभ
22:07 तक
iv.
करण
बव
09:02 तक
v.
वार
गुरुवारगुरु स्वामी
सूर्योदय 06:50

सूर्य आर्क

दिनमान · 10 घण्टे 43 मिनट
06:50सूर्योदय17:33सूर्यास्त12:12
अरुणोदय
05:14
मध्याह्न
12:12
दिनमान
10:43
प्रातः सन्धि
05:31

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 13 घण्टे 17 मिनट
07:53चन्द्रोदय18:39चन्द्रास्तकला ~1%
रात्रिमान
13:17
निशीथ
23:45
गोधूलि
17:31
कला
1%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:50 — 12:33
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
05:04 — 05:57
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:59 — 14:42
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
17:31 — 18:00
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:45 — 00:38
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
05:31 — 06:50
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
17:33 — 18:53
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
18:52 — 20:26
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
13:32 — 14:52
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — ध्वांक्षअशुभ
05:06 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
13:32 — 14:52
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
06:50 — 08:11
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
09:31 — 10:51
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
09:25 — 11:00
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
अस्त — शनिसूर्य से 9.06° दहन
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृत
वर्तमान
.
शुभ
06:50 — 08:11
दिन06:5017:33
1शुभबृहस्पति06:5008:11
2रोगमंगल08:1109:31
3उद्वेगसूर्य09:3110:51
4चरशुक्र10:5112:12
5लाभबुध12:1213:32
6अमृतचंद्र13:3214:52
7कालशनि14:5216:13
8शुभबृहस्पति16:1317:33
रात्रि17:33 → अगला सूर्योदय
1अमृतचंद्र17:3319:13
2चरशुक्र19:1320:52
3रोगमंगल20:5222:32
4कालशनि22:3200:12
5लाभबुध00:1201:51
6उद्वेगसूर्य01:5103:31
7शुभबृहस्पति03:3105:11
8अमृतचंद्र05:1106:50
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
गुरु
06:50 — 07:44
iगुरु06:50
iiमङ्गल07:44
iiiसूर्य08:37
ivशुक्र09:31
vबुध10:25
viचन्द्र11:18
viiशनि12:12
viiiगुरु13:05
ixमङ्गल13:59
xसूर्य14:52
xiशुक्र15:46
xiiबुध16:40
xiiiचन्द्र17:33
xivशनि18:40
xvगुरु19:46
xviमङ्गल20:52
xviiसूर्य21:59
xviiiशुक्र23:05
xixबुध00:12
xxचन्द्र01:18
xxiशनि02:25
xxiiगुरु03:31
xxiiiमङ्गल04:37
xxivसूर्य05:44
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iधनु06:5006:55
iiमकर06:5508:40
iiiकुम्भ08:4010:10
ivमीन10:1011:39
vमेष11:3913:17
viवृष13:1715:14
viiमिथुन15:1417:28
viiiकर्क17:2819:45
ixसिंह19:4522:00
xकन्या22:0000:13
xiतुला00:1302:29
xiiवृश्चिक02:2904:46
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
06:5006:55
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
धनु · i
06:5508:40
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
मकर · ii
08:4010:10
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कुम्भ · iii
10:1011:39
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
मीन · iv
11:3913:17
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · v
13:1715:14
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
वृष · vi
15:1417:28
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मिथुन · vii
17:2819:45
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कर्क · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
ध्वांक्ष
परिवर्तन05:06
अगला योग
केतु
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमपृथ्वी
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
दक्षिण
दिशा-शूल
दक्षिण
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पश्चिम
नक्षत्रानुसार
राहु वास
वायव्य
तिथि-आधारित
अग्नि वास
आकाश
अशुभ
भद्रा वास
पाताल
शुभ
शिव वास
श्मशान
अशुभ
चन्द्र वास
दक्षिण
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
लाभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · मिथुन राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातिअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषा
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
धनु
08:30 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
1 पाद
देशान्तर
269°55'45"
269.93° सायन
गति
1.019°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
मकर
चन्द्र राशि
नक्षत्र
श्रवण
1 पाद
गति
13.5343°
प्रति दिवस
देशान्तर
280°46'20"
280.77° सायन
कला — वृद्धिक्रम
1%
शुक्ल पक्ष · शुक्ल प्रतिपदा
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
शुक्ल
वृद्धिक्रम
मास — पूर्णिमान्त
पौष
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
पौष
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
30
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
शिशिर
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
हेमन्त
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
दक्षिणायन
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2077
प्रमादी
शक संवत्
1942
शार्वरी
गुजराती संवत्
2077
परिधावी
कलियुग वर्ष
5,122
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,70,763
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°09'28"
24.157697°
जूलियन दिवस
24,59,228
JD
संशोधित JD
59,228
MJD
जूलियन (पुरातन)
1 जनवरी
2021
राष्ट्रीय सिविल
पौष 24
शक 1942
राष्ट्रीय निरयन
अग्रहायण 30
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,37,804
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
मङ्गल
राजा
मङ्गल
मन्त्री
बुध
सेनाधिपति
गुरु
मेघाधिपति
शुक्र
सस्याधिपति
शनि
धान्याधिपति
सूर्य
फलाधिपति
चन्द्र
रसाधिपति
बुध
धनाधिपति
मङ्गल
निरसाधिपति
गुरु
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
शुक्ल प्रतिपदा
09:02
अगला
शुक्ल द्वितीया
08:05
+ २
शुक्ल तृतीया

नक्षत्र

अब
श्रवण
05:06
अगला
धनिष्ठा
05:18
+ २
शतभिषा

योग

अब
वज्र
22:07
अगला
सिद्धि
20:25
+ २
व्यतीपात

करण

अब
बव
09:02
अगला
बालव
20:29
+ २
कौलव
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°09'28"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्