ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
25°19'03"N · 82°58'26"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
सोमवार — पञ्चाङ्ग गणना

19.11नवंबर 2012

सोमवार · 19 नवंबर 2012
चन्द्र वार·शुक्ल पक्ष·कार्तिक मास·संवत् 2069 विश्वावसु
वाराणसी
उत्तर प्रदेश
25°19'03"N  82°58'26"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
षष्ठीशुक्ल पक्ष
09:32 तक
ii.
नक्षत्र
श्रवण1 पाद
23:48 तक
iii.
योग
वृद्धिशुभ
23:03 तक
iv.
करण
तैतिल
09:32 तक
v.
वार
सोमवारचन्द्र स्वामी
सूर्योदय 06:18

सूर्य आर्क

दिनमान · 10 घण्टे 51 मिनट
06:18सूर्योदय17:09सूर्यास्त11:43
अरुणोदय
04:42
मध्याह्न
11:43
दिनमान
10:51
प्रातः सन्धि
04:59

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 13 घण्टे 10 मिनट
11:17चन्द्रोदय22:47चन्द्रास्तकला ~33%
रात्रिमान
13:10
निशीथ
23:17
गोधूलि
17:07
कला
33%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:22 — 12:05
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
04:33 — 05:26
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:32 — 14:15
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
17:07 — 17:35
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:17 — 00:10
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:59 — 06:18
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
17:09 — 18:28
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
13:44 — 15:17
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
06:18 — 07:39
विशेष योग · आज सक्रिय
+
सर्वार्थ सिद्धिसिद्धिदायक
समस्त दिवस
+
आनन्दादि — काणअशुभ
23:48 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
07:39 — 09:01
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
10:22 — 11:43
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
13:05 — 14:26
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
03:47 — 05:22
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
अस्त — बुधसूर्य से 3.22° दहन
सक्रिय
आडल योगक्षीणकारी
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिअमृतकालशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचर
वर्तमान
.
अमृत
06:18 — 07:39
दिन06:1817:09
1अमृतचंद्र06:1807:39
2कालशनि07:3909:01
3शुभबृहस्पति09:0110:22
4रोगमंगल10:2211:43
5उद्वेगसूर्य11:4313:05
6चरशुक्र13:0514:26
7लाभबुध14:2615:47
8अमृतचंद्र15:4717:09
रात्रि17:09 → अगला सूर्योदय
1चरशुक्र17:0918:48
2रोगमंगल18:4820:26
3कालशनि20:2622:05
4लाभबुध22:0523:44
5उद्वेगसूर्य23:4401:23
6शुभबृहस्पति01:2303:01
7अमृतचंद्र03:0104:40
8चरशुक्र04:4006:19
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
चन्द्र
06:18 — 07:12
iचन्द्र06:18
iiशनि07:12
iiiगुरु08:07
ivमङ्गल09:01
vसूर्य09:55
viशुक्र10:49
viiबुध11:43
viiiचन्द्र12:38
ixशनि13:32
xगुरु14:26
xiमङ्गल15:20
xiiसूर्य16:15
xiiiशुक्र17:09
xivबुध18:15
xvचन्द्र19:20
xviशनि20:26
xviiगुरु21:32
xviiiमङ्गल22:38
xixसूर्य23:44
xxशुक्र00:50
xxiबुध01:55
xxiiचन्द्र03:01
xxiiiशनि04:07
xxivगुरु05:13
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iवृश्चिक06:1808:25
iiधनु08:2510:30
iiiमकर10:3012:15
ivकुम्भ12:1513:46
vमीन13:4615:14
viमेष15:1416:53
viiवृष16:5318:50
viiiमिथुन18:5021:03
ixकर्क21:0323:21
xसिंह23:2101:35
xiकन्या01:3503:48
xiiतुला03:4806:04
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
06:1808:25
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृश्चिक · i
08:2510:30
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
धनु · ii
10:3012:15
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मकर · iii
12:1513:46
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
कुम्भ · iv
13:4615:14
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मीन · v
15:1416:53
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · vi
16:5318:50
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · vii
18:5021:03
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
मिथुन · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
काण
परिवर्तन23:48
अगला योग
सिद्धि
आडलसक्रिय
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमपृथ्वी
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
पूर्व
दिशा-शूल
पूर्व
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पश्चिम
नक्षत्रानुसार
राहु वास
ईशान
तिथि-आधारित
अग्नि वास
पृथ्वी
शुभ
भद्रा वास
पाताल
शुभ
शिव वास
वृषभ
शुभ
चन्द्र वास
दक्षिण
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
हानि
त्याज्य
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · मिथुन राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातिअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषा
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
वृश्चिक
समस्त दिवस
नक्षत्र
विशाखा
4 पाद
देशान्तर
213°03'07"
213.05° सायन
गति
1.0094°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
मकर
चन्द्र राशि
नक्षत्र
श्रवण
1 पाद
गति
13.6777°
प्रति दिवस
देशान्तर
283°19'36"
283.33° सायन
कला — वृद्धिक्रम
33%
शुक्ल पक्ष · शुक्ल षष्ठी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
शुक्ल
वृद्धिक्रम
मास — पूर्णिमान्त
कार्तिक
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
कार्तिक
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
4
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
हेमन्त
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
शरद
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
दक्षिणायन
सायन
वैदिक अयन
दक्षिणायन
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2069
विश्वावसु
शक संवत्
1934
नन्दन
गुजराती संवत्
2069
क्रोधी
कलियुग वर्ष
5,113
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,67,785
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°02'38"
24.043803°
जूलियन दिवस
24,56,250
JD
संशोधित JD
56,250
MJD
जूलियन (पुरातन)
6 नवंबर
2012
राष्ट्रीय सिविल
कार्तिक 28
शक 1934
राष्ट्रीय निरयन
कार्तिक 4
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,34,826
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
शुक्र
राजा
शुक्र
मन्त्री
शनि
सेनाधिपति
सूर्य
मेघाधिपति
चन्द्र
सस्याधिपति
मङ्गल
धान्याधिपति
बुध
फलाधिपति
गुरु
रसाधिपति
शनि
धनाधिपति
शुक्र
निरसाधिपति
सूर्य
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
शुक्ल षष्ठी
09:32
अगला
शुक्ल सप्तमी
08:20
+ २
शुक्ल अष्टमी

नक्षत्र

अब
श्रवण
23:48
अगला
धनिष्ठा
23:42
+ २
शतभिषा

योग

अब
वृद्धि
23:03
अगला
ध्रुव
21:15
+ २
व्याघात

करण

अब
तैतिल
09:32
अगला
गर
20:50
+ २
वणिज
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°02'38"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्