ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी — पंचांग

11 जनवरी 2025, शनिवार

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
17:27
चंद्रोदय
14:46
चंद्रास्त
04:13
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जनवरी 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
11 जनवरी 2025, शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वादशी
08:22 तक
अगली: शुक्ल त्रयोदशी
प्रगति93%
नक्षत्र
रोहिणी (3 पाद)
12:29 तक
अगली: मृगशिरा
स्वामी: चंद्र
योग
शुक्ल
11:47 तक
अगला: ब्रह्म
शुभ
करण
बालव
08:22 तक
अगला: कौलव
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वादशी· 08:22 तक
शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र
रोहिणी · पद 3· 12:29 तक
मृगशिरा
योग
शुक्ल· 11:47 तक
ब्रह्म
करण
बालव· 08:22 तक
कौलव
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिधनु
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
पद1
देशांतर266°51'24"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्ररोहिणी
पद3
देशांतर49°58'44"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
धनु

वाराणसी — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 — 05:57
प्रातः सन्ध्या
05:57 — 07:33
सूर्योदय
06:45
अभिजित मुहूर्त
11:42 — 12:30
अमृत कालविशेष
14:46 — 16:07
विजय मुहूर्त
15:18 — 16:01
गोधूलि मुहूर्त
17:03 — 17:51
सूर्यास्त
17:27
सायाह्न सन्ध्या
17:30 — 18:39
निशिता मुहूर्त
23:42 — 00:30
राहु काल
09:26 — 10:46
यमगंड काल
13:26 — 14:46
गुलिक काल
06:45 — 08:06
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:26 — 10:06
द्वितीय दुर्मुहूर्त
14:46 — 15:26
चंद्रोदय
14:46
चंद्रास्त
04:13
मध्याह्न
12:06
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
पौष
चन्द्र माह (अमान्त)
पौष
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
रोहिणी
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
ब्रह्मा
सूर्य नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
पद 1स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 41 मिनट 13 सेकण्ड
26 घटी 43 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 18 मिनट 47 सेकण्ड
33 घटी 17 पल
मध्याह्न (सौर)
12:06
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 11 जनवरी 2025, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:4508:06
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
08:0609:26
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
09:2610:46
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:4612:06
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:0613:26
चर
यात्रा, वाहन चालन
13:2614:46
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
14:4616:07
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
16:0717:27
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

17:2719:07
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
19:0720:46
चर
यात्रा, वाहन चालन
20:4622:26
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
22:2600:06
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:0601:46
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
01:4603:26
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
03:2605:06
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
05:0606:45
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

वाराणसी पंचांग — जनवरी 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 11 जनवरी 2025, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊप्रयागराजहरिद्वार

वाराणसी पंचांग — 11 जनवरी 2025, शनिवार

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के लिए 11 जनवरी 2025, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में 11 जनवरी 2025, शनिवार को सूर्योदय कब है?

वाराणसी में 11 जनवरी 2025, शनिवार को सूर्योदय 06:45 बजे और सूर्यास्त 17:27 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

वाराणसी में 11 जनवरी 2025, शनिवार को राहु काल कब है?

वाराणसी में 11 जनवरी 2025, शनिवार को राहु काल 09:26 से 10:46 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

वाराणसी में 11 जनवरी 2025, शनिवार को तिथि क्या है?

वाराणसी में 11 जनवरी 2025, शनिवार को शुक्ल द्वादशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।