ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी — पंचांग

3 फरवरी 2025, सोमवार

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
09:47
चंद्रास्त
22:48
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फरवरी 2025 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पंचमी
06:53 तक
अगली: शुक्ल षष्ठी
प्रगति99%
नक्षत्र
रेवती (2 पाद)
00:00 तक
अगली: अश्विनी
स्वामी: बुध
योग
साध्य
00:00 तक
अगला: शुभ
शुभ
करण
बालव
06:53 तक
अगला: कौलव
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल पंचमी· 06:53 तक
शुक्ल षष्ठी
नक्षत्र
रेवती · पद 2· 00:00 तक
अश्विनी
योग
साध्य· 00:00 तक
शुभ
करण
बालव· 06:53 तक
कौलव
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमकर
नक्षत्रश्रवण
पद4
देशांतर290°14'48"
चन्द्रमा
राशिमीन
नक्षत्ररेवती
पद2
देशांतर350°07'30"

राशि

चंद्र राशि
मीन
सूर्य राशि
मकर

वाराणसी — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 — 05:52
प्रातः सन्ध्या
05:52 — 07:28
सूर्योदय
06:40
अभिजित मुहूर्त
11:48 — 12:36
अमृत कालविशेष
06:40 — 08:03
विजय मुहूर्त
15:31 — 16:15
गोधूलि मुहूर्त
17:20 — 18:08
सूर्यास्त
17:44
सायाह्न सन्ध्या
17:47 — 18:56
निशिता मुहूर्त
23:48 — 00:36
राहु काल
08:03 — 09:26
यमगंड काल
09:26 — 10:49
गुलिक काल
13:35 — 14:58
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:49 — 11:31
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:35 — 14:16
चंद्रोदय
09:47
चंद्रास्त
22:48
मध्याह्न
12:12

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
माघ
चन्द्र माह (अमान्त)
माघ
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
रेवती
नक्षत्र स्वामी
बुध
नक्षत्र देवता
पूषा
सूर्य नक्षत्र
श्रवण
पद 4स्वामी: चंद्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 03 मिनट 41 सेकण्ड
27 घटी 39 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 56 मिनट 19 सेकण्ड
32 घटी 21 पल
मध्याह्न (सौर)
12:12
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 3 फरवरी 2025, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:4008:03
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:0309:26
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:2610:49
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:4912:12
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:1213:35
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:3514:58
चर
यात्रा, वाहन चालन
14:5816:21
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:2117:44
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

17:4419:21
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:2120:58
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
20:5822:35
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:3500:12
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:1201:49
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:4903:26
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:2605:03
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
05:0306:40
चर
यात्रा, वाहन चालन

वाराणसी पंचांग — फरवरी 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 3 फरवरी 2025, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊप्रयागराजहरिद्वार

वाराणसी पंचांग — 3 फरवरी 2025, सोमवार

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के लिए 3 फरवरी 2025, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में 3 फरवरी 2025, सोमवार को सूर्योदय कब है?

वाराणसी में 3 फरवरी 2025, सोमवार को सूर्योदय 06:40 बजे और सूर्यास्त 17:44 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

वाराणसी में 3 फरवरी 2025, सोमवार को राहु काल कब है?

वाराणसी में 3 फरवरी 2025, सोमवार को राहु काल 08:03 से 09:26 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

वाराणसी में 3 फरवरी 2025, सोमवार को तिथि क्या है?

वाराणसी में 3 फरवरी 2025, सोमवार को शुक्ल पंचमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।