ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी — पंचांग

10 मार्च 2025, सोमवार

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
14:35
चंद्रास्त
03:47
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मार्च 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
10 मार्च 2025, सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल एकादशी
07:45 तक
अगली: शुक्ल द्वादशी
प्रगति94%
नक्षत्र
पुष्य (2 पाद)
00:51 तक
अगली: आश्लेषा
स्वामी: शनि
योग
शोभन
13:56 तक
अगला: अतिगंड
शुभ
करण
विष्टि
07:45 तक
अगला: बव
अशुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल एकादशी· 07:45 तक
शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य · पद 2· 00:51 तक
आश्लेषा
योग
शोभन· 13:56 तक
अतिगंड
करण
विष्टि· 07:45 तक
बव
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रपूर्वभाद्रपद
पद2
देशांतर325°29'17"
चन्द्रमा
राशिकर्क
नक्षत्रपुष्य
पद2
देशांतर96°43'08"

राशि

चंद्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
कुम्भ

वाराणसी — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 — 05:24
प्रातः सन्ध्या
05:24 — 07:00
सूर्योदय
06:12
अभिजित मुहूर्त
11:45 — 12:33
अमृत कालविशेष
06:12 — 07:41
विजय मुहूर्त
15:42 — 16:30
गोधूलि मुहूर्त
17:41 — 18:29
सूर्यास्त
18:05
सायाह्न सन्ध्या
18:08 — 19:17
निशिता मुहूर्त
23:45 — 00:33
राहु काल
07:41 — 09:10
यमगंड काल
09:10 — 10:39
गुलिक काल
13:38 — 15:07
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:39 — 11:24
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:38 — 14:22
चंद्रोदय
14:35
चंद्रास्त
03:47
मध्याह्न
12:09
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
फाल्गुन
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
पुष्य
नक्षत्र स्वामी
शनि
नक्षत्र देवता
बृहस्पति
सूर्य नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
पद 2स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 52 मिनट 09 सेकण्ड
29 घटी 40 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 07 मिनट 51 सेकण्ड
30 घटी 20 पल
मध्याह्न (सौर)
12:09
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 10 मार्च 2025, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:1207:41
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
07:4109:10
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:1010:39
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:3912:09
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:0913:38
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:3815:07
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:0716:36
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:3618:05
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:0519:36
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:3621:07
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:0722:38
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:3800:09
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:0901:39
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:3903:10
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:1004:41
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
04:4106:12
चर
यात्रा, वाहन चालन

वाराणसी पंचांग — मार्च 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 10 मार्च 2025, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊप्रयागराजहरिद्वार

वाराणसी पंचांग — 10 मार्च 2025, सोमवार

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के लिए 10 मार्च 2025, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में 10 मार्च 2025, सोमवार को सूर्योदय कब है?

वाराणसी में 10 मार्च 2025, सोमवार को सूर्योदय 06:12 बजे और सूर्यास्त 18:05 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

वाराणसी में 10 मार्च 2025, सोमवार को राहु काल कब है?

वाराणसी में 10 मार्च 2025, सोमवार को राहु काल 07:41 से 09:10 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

वाराणसी में 10 मार्च 2025, सोमवार को तिथि क्या है?

वाराणसी में 10 मार्च 2025, सोमवार को शुक्ल एकादशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।