ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी — पंचांग

17 मार्च 2025, सोमवार

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
20:49
चंद्रास्त
07:30
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

मार्च 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण तृतीया
19:33 तक
अगली: कृष्ण चतुर्थी
प्रगति49%
नक्षत्र
चित्रा (3 पाद)
14:46 तक
अगली: स्वाति
स्वामी: मंगल
योग
ध्रुव
15:44 तक
अगला: व्याघात
शुभ
करण
वणिज
06:15 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण तृतीया· 19:33 तक
कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र
चित्रा · पद 3· 14:46 तक
स्वाति
योग
ध्रुव· 15:44 तक
व्याघात
करण
वणिज· 06:15 तक
विष्टि
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमीन
नक्षत्रपूर्वभाद्रपद
पद4
देशांतर332°27'44"
चन्द्रमा
राशितुला
नक्षत्रचित्रा
पद3
देशांतर182°23'04"

राशि

चंद्र राशि
तुला
सूर्य राशि
मीन

वाराणसी — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 — 05:17
प्रातः सन्ध्या
05:17 — 06:53
सूर्योदय
06:05
अभिजित मुहूर्त
11:43 — 12:31
अमृत कालविशेष
06:05 — 07:36
विजय मुहूर्त
15:43 — 16:32
गोधूलि मुहूर्त
17:44 — 18:32
सूर्यास्त
18:08
सायाह्न सन्ध्या
18:11 — 19:20
निशिता मुहूर्त
23:43 — 00:31
राहु काल
07:36 — 09:06
यमगंड काल
09:06 — 10:36
गुलिक काल
13:37 — 15:07
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:36 — 11:21
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:37 — 14:22
चंद्रोदय
20:49
चंद्रास्त
07:30
मध्याह्न
12:07

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
वैशाख
चन्द्र माह (अमान्त)
चैत्र
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
चित्रा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
विश्वकर्मा
सूर्य नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
पद 4स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 02 मिनट 35 सेकण्ड
30 घटी 6 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 57 मिनट 25 सेकण्ड
29 घटी 54 पल
मध्याह्न (सौर)
12:07
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 17 मार्च 2025, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:0507:36
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
07:3609:06
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:0610:36
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:3612:07
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:0713:37
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:3715:07
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:0716:38
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:3818:08
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:0819:38
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:3821:07
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:0722:37
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:3700:07
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:0701:36
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:3603:06
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:0604:36
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
04:3606:05
चर
यात्रा, वाहन चालन

वाराणसी पंचांग — मार्च 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 17 मार्च 2025, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊप्रयागराजहरिद्वार

वाराणसी पंचांग — 17 मार्च 2025, सोमवार

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के लिए 17 मार्च 2025, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में 17 मार्च 2025, सोमवार को सूर्योदय कब है?

वाराणसी में 17 मार्च 2025, सोमवार को सूर्योदय 06:05 बजे और सूर्यास्त 18:08 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

वाराणसी में 17 मार्च 2025, सोमवार को राहु काल कब है?

वाराणसी में 17 मार्च 2025, सोमवार को राहु काल 07:36 से 09:06 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

वाराणसी में 17 मार्च 2025, सोमवार को तिथि क्या है?

वाराणसी में 17 मार्च 2025, सोमवार को कृष्ण तृतीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।