ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी — पंचांग

29 अप्रैल 2025, मंगलवार

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
06:14
चंद्रास्त
20:29
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अप्रैल 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
29 अप्रैल 2025, मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
17:31 तक
अगली: शुक्ल तृतीया
प्रगति36%
नक्षत्र
कृत्तिका (2 पाद)
18:46 तक
अगली: रोहिणी
स्वामी: सूर्य
योग
सौभाग्य
15:53 तक
अगला: शोभन
शुभ
करण
बालव
07:19 तक
अगला: कौलव
शुभ
वार
मंगलवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वितीया· 17:31 तक
शुक्ल तृतीया
नक्षत्र
कृत्तिका · पद 2· 18:46 तक
रोहिणी
योग
सौभाग्य· 15:53 तक
शोभन
करण
बालव· 07:19 तक
कौलव
वार
मंगलवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमेष
नक्षत्रभरणी
पद1
देशांतर14°41'03"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्रकृत्तिका
पद2
देशांतर30°57'21"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
मेष

वाराणसी — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:48 — 04:36
प्रातः सन्ध्या
04:36 — 06:12
सूर्योदय
05:24
अभिजित मुहूर्त
11:32 — 12:20
अमृत कालविशेष
11:56 — 13:34
विजय मुहूर्त
15:51 — 16:43
गोधूलि मुहूर्त
18:04 — 18:52
सूर्यास्त
18:28
सायाह्न सन्ध्या
18:31 — 19:40
निशिता मुहूर्त
23:32 — 00:20
राहु काल
15:12 — 16:50
यमगंड काल
07:02 — 08:40
गुलिक काल
11:56 — 13:34
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:29 — 10:18
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:34 — 14:23
चंद्रोदय
06:14
चंद्रास्त
20:29
मध्याह्न
11:56
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
वैशाख
चन्द्र माह (अमान्त)
वैशाख
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
कृत्तिका
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अग्नि
सूर्य नक्षत्र
भरणी
पद 1स्वामी: शुक्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 04 मिनट 02 सेकण्ड
32 घटी 40 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 55 मिनट 58 सेकण्ड
27 घटी 20 पल
मध्याह्न (सौर)
11:56
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 29 अप्रैल 2025, मंगलवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:2407:02
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
07:0208:40
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
08:4010:18
चर
यात्रा, वाहन चालन
10:1811:56
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
11:5613:34
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
13:3415:12
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:1216:50
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
16:5018:28
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:2819:50
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
19:5021:12
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
21:1222:34
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
22:3423:56
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
23:5601:18
चर
यात्रा, वाहन चालन
01:1802:40
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
02:4004:02
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
04:0205:24
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

वाराणसी पंचांग — अप्रैल 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 29 अप्रैल 2025, मंगलवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊप्रयागराजहरिद्वार

वाराणसी पंचांग — 29 अप्रैल 2025, मंगलवार

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के लिए 29 अप्रैल 2025, मंगलवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में 29 अप्रैल 2025, मंगलवार को सूर्योदय कब है?

वाराणसी में 29 अप्रैल 2025, मंगलवार को सूर्योदय 05:24 बजे और सूर्यास्त 18:28 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

वाराणसी में 29 अप्रैल 2025, मंगलवार को राहु काल कब है?

वाराणसी में 29 अप्रैल 2025, मंगलवार को राहु काल 15:12 से 16:50 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

वाराणसी में 29 अप्रैल 2025, मंगलवार को तिथि क्या है?

वाराणसी में 29 अप्रैल 2025, मंगलवार को शुक्ल द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।