ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
25°19'03"N · 82°58'26"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
शनिवार — पञ्चाङ्ग गणना

14.11नवंबर 2026

शनिवार · 14 नवंबर 2026
शनि वार·शुक्ल पक्ष·कार्तिक मास·संवत् 2083 सिद्धार्थी
वाराणसी
उत्तर प्रदेश
25°19'03"N  82°58'26"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
पंचमीशुक्ल पक्ष
23:24 तक
ii.
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा2 पाद
20:25 तक
iii.
योग
शूलअशुभ
06:23 तक
iv.
करण
बव
10:03 तक
v.
वार
शनिवारशनि स्वामी
सूर्योदय 06:14

सूर्य आर्क

दिनमान · 10 घण्टे 56 मिनट
06:14सूर्योदय17:10सूर्यास्त11:42
अरुणोदय
04:38
मध्याह्न
11:42
दिनमान
10:56
प्रातः सन्धि
04:56

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 13 घण्टे 05 मिनट
10:33चन्द्रोदय21:02चन्द्रास्तकला ~20%
रात्रिमान
13:05
निशीथ
23:17
गोधूलि
17:09
कला
20%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:20 — 12:04
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
04:30 — 05:23
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:32 — 14:15
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
17:09 — 17:37
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:17 — 00:09
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:56 — 06:14
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
17:10 — 18:29
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
15:00 — 16:48
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
14:26 — 15:48
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — राक्षसअशुभ
20:25 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
08:58 — 10:20
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
13:04 — 14:26
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
06:14 — 07:36
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
05:27 — 07:15
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिकालशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतकाललाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाललाभ
वर्तमान
II.
शुभ
07:36 — 08:58
दिन06:1417:10
1कालशनि06:1407:36
2शुभबृहस्पति07:3608:58
3रोगमंगल08:5810:20
4उद्वेगसूर्य10:2011:42
5चरशुक्र11:4213:04
6लाभबुध13:0414:26
7अमृतचंद्र14:2615:48
8कालशनि15:4817:10
रात्रि17:10 → अगला सूर्योदय
1लाभबुध17:1018:49
2उद्वेगसूर्य18:4920:27
3शुभबृहस्पति20:2722:05
4अमृतचंद्र22:0523:43
5चरशुक्र23:4301:21
6रोगमंगल01:2102:59
7कालशनि02:5904:37
8लाभबुध04:3706:15
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
गुरु
07:09 — 08:04
iशनि06:14
iiगुरु07:09
iiiमङ्गल08:04
ivसूर्य08:58
vशुक्र09:53
viबुध10:48
viiचन्द्र11:42
viiiशनि12:37
ixगुरु13:32
xमङ्गल14:26
xiसूर्य15:21
xiiशुक्र16:16
xiiiबुध17:10
xivचन्द्र18:16
xvशनि19:21
xviगुरु20:27
xviiमङ्गल21:32
xviiiसूर्य22:37
xixशुक्र23:43
xxबुध00:48
xxiचन्द्र01:53
xxiiशनि02:59
xxiiiगुरु04:04
xxivमङ्गल05:10
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
VIII.
वृश्चिक
iतुला06:1406:30
iiवृश्चिक06:3008:47
iiiधनु08:4710:52
ivमकर10:5212:37
vकुम्भ12:3714:08
viमीन14:0815:36
viiमेष15:3617:14
viiiवृष17:1419:11
ixमिथुन19:1121:25
xकर्क21:2523:43
xiसिंह23:4301:57
xiiकन्या01:5704:10
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
06:1406:30
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
तुला · i
06:3008:47
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
वृश्चिक · ii
08:4710:52
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
धनु · iii
10:5212:37
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
मकर · iv
12:3714:08
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कुम्भ · v
14:0815:36
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
मीन · vi
15:3617:14
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · vii
17:1419:11
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
वृष · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
राक्षस
परिवर्तन20:25
अगला योग
चर
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमवायु
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
पूर्व
दिशा-शूल
पूर्व
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
उत्तर
नक्षत्रानुसार
राहु वास
अग्नि
तिथि-आधारित
अग्नि वास
पाताल
शुभ
भद्रा वास
पाताल
शुभ
शिव वास
कैलाश
शुभ
चन्द्र वास
पूर्व
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
लाभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · वृष राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातिअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषा
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
तुला
समस्त दिवस
नक्षत्र
विशाखा
3 पाद
देशान्तर
207°24'56"
207.42° सायन
गति
1.0069°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
धनु
चन्द्र राशि
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
2 पाद
गति
11.7954°
प्रति दिवस
देशान्तर
259°41'58"
259.7° सायन
कला — वृद्धिक्रम
20%
शुक्ल पक्ष · शुक्ल पंचमी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
शुक्ल
वृद्धिक्रम
मास — पूर्णिमान्त
कार्तिक
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
कार्तिक
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
28
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
हेमन्त
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
शरद
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
दक्षिणायन
सायन
वैदिक अयन
दक्षिणायन
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2083
सिद्धार्थी
शक संवत्
1948
पराभव
गुजराती संवत्
2083
काललुक्त
कलियुग वर्ष
5,127
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,72,893
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°14'21"
24.239157°
जूलियन दिवस
24,61,358
JD
संशोधित JD
61,358
MJD
जूलियन (पुरातन)
1 नवंबर
2026
राष्ट्रीय सिविल
कार्तिक 23
शक 1948
राष्ट्रीय निरयन
आश्विन 28
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,39,934
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
शनि
राजा
शनि
मन्त्री
शुक्र
सेनाधिपति
मङ्गल
मेघाधिपति
चन्द्र
सस्याधिपति
गुरु
धान्याधिपति
बुध
फलाधिपति
शनि
रसाधिपति
शुक्र
धनाधिपति
सूर्य
निरसाधिपति
मङ्गल
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
शुक्ल पंचमी
23:24
अगला
शुक्ल षष्ठी
02:02
+ २
शुक्ल सप्तमी

नक्षत्र

अब
पूर्वाषाढ़ा
20:25
अगला
उत्तराषाढ़ा
23:30
+ २
श्रवण

योग

अब
शूल
06:23
अगला
गंड
07:18
+ २
वृद्धि

करण

अब
बव
10:03
अगला
बालव
23:24
+ २
कौलव
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°14'21"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्