शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
मातंगी (तांत्रिक सरस्वती) मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं हूँ मातंग्यै फट् स्वाहा॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारदशमहाविद्या मंत्र |
स्वरूपमातंगी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला, संगीत, वक्तृत्व कला (Public speaking) और गुप्त ज्ञान में निपुणता
विस्तृत लाभ
कला, संगीत, वक्तृत्व कला (Public speaking) और गुप्त ज्ञान में निपुणता 19।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
बुद्धिविच्छिन्नचैतन्यमेकं पूर्णमथापरम्। आभासत्वपरं बिम्बभूतमेवं त्रिधा चितिः॥
ॐ क्रतवे नमः
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ सावित्र्यै नमः
ॐ विधात्रे नमः
ॐ अधीश्वर्यै नमः