शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
काल भैरव गायत्री मंत्र
ॐ कालकालाय विद्महे कालभैरवाय धीमहि तन्नो भैरवः प्रचोदयात्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकाल भैरव गायत्री / सात्विक ध्यान मंत्र
स्वरूपमहाकाल भैरव / काल भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ॐ, हम उस परम शक्ति को जानते हैं जो कालों का भी काल है। हम उन भगवान कालभैरव का ध्यान करते हैं। वे भैरव हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करें 6।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समय (काल) के भय से मुक्ति, आध्यात्मिक स्पष्टता, अकाल मृत्यु से रक्षा और प्रज्ञा का जागरण
विस्तृत लाभ
समय (काल) के भय से मुक्ति, आध्यात्मिक स्पष्टता, अकाल मृत्यु से रक्षा और प्रज्ञा का जागरण 6।
जप काल
सूर्योदय के समय 108 बार जप। दिन के समय का सदुपयोग करने की प्रार्थना के साथ 5।
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