ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

भैरव मंत्र

ॐ पञ्चवक्त्राय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपपंचमुखी स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

अहिरावण वध हेतु पंचमुखी (पांच मुखों वाला) स्वरूप धारण करने वाले को नमन।

जप काल

नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।

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