शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ पावन नरसिंहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपावन नरसिंह
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जन्म-जन्मांतर के संचित घोर पापों का शमन
02
मन, कर्म और वचन की पूर्ण शुद्धि एवं सात्विकता में वृद्धि
विस्तृत लाभ
जन्म-जन्मांतर के संचित घोर पापों का शमन। मन, कर्म और वचन की पूर्ण शुद्धि एवं सात्विकता में वृद्धि।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ करच्छिन्नायै नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम प्रत्यक्ष दर्शय दर्शय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
कांसोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम्। पद्मे स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम्॥
ॐ ह्रीं क्लीं वाण्यै स्वाहेति मम पृष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: वाणी | लाभ: पीठ और मेरुदंड की रक्षा | अर्थ: वाणी मेरी पीठ की सदा रक्षा करें) 8
ॐ सुखप्रदाय नमः
ॐ त्रिमूर्तये नमः