शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ पिङ्गललोचनाय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भूरे/लाल भयानक नेत्रों वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वैशाखशुक्लभूतोत्थाय नमः
ॐ कुलमार्गप्रदर्शिन्यै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये द्वादशादित्याः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ अधिदेव्यै नमः
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥
ॐ खट्वाङ्गिने नमः