शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ पुरुषाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपपरम पुरुष
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो प्रकृति से परे, अजन्मा और सनातन परम पुरुष हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मुक्ति
विस्तृत लाभ
मुक्ति
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते। भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये प्रकृतिः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ भूधराधीशाय नमः।
ॐ नवनीतनटाय नमः
मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्। वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥
ॐ मालोल नरसिंहाय नमः