शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ त्वष्ट्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत विशाल चीजों को सूक्ष्म करने वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भारी अहंकार और घमंड का दमन
विस्तृत लाभ
भारी अहंकार और घमंड का दमन 81
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वावगुणवर्जिताय नमः
जो माता एकवीरा (रेणुका का एक नाम) के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: माता की असीम कृपा) 19।
ॐ नमः प्रणवार्थाय प्रणवार्थविधायिने । प्रणवाक्षरबीजाय प्रणवाय नमो नमः ॥
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
ॐ सुश्लोकमण्डलाय नमः
ॐ कुमारीपूजनप्रीतायै नमः