शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ विभवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्वश्रेष्ठ रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सर्वश्रेष्ठ, सर्वसमर्थ और सर्वव्यापक हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज में व्यापक प्रभाव, ऐश्वर्य और प्रभुत्व की स्थापना
विस्तृत लाभ
समाज में व्यापक प्रभाव, ऐश्वर्य और प्रभुत्व की स्थापना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद सर्वसौभाग्यं देहि देहि स्वाहा।
ॐ ह्रीं बटुकाय मम मनोवांछित कार्य सिद्धिं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ भर्गाय नमः
ॐ गोविन्दवल्लभायै देव्यै नमः
बिभ्राणः शुक बीजपूर कमलं माणिक्यकुम्भं अङ्कुशं पाशं कल्पलतां च खड्ग विलसत् ज्योतिः सुधानिर्झरः । श्यामेनात्त सरोरुहेण सहितो देवीद्वयेनान्तिके गौराङ्गो वरदान हस्त कमलो लक्ष्मीगणेशोऽवतात् ॥
ॐ सूक्ष्मतनवे नमः