शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ सुमुख्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत सुंदर मुख-मंडल वाली
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
उरुदघ्ने नाभिदघ्ने हृद्दघ्ने कण्ठदघ्नके। राधाकुण्डजले स्थिता यः पठेत्साधकः शतम्॥
ॐ फालनेत्रसुताय नमः
ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्नो चक्रः प्रचोदयात्।
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय ऊर्ध्व मुखे। हयग्रीवाय सकल जन वशीकरणाय स्वाहा॥
ॐ ह्रीं क्लीं वाण्यै स्वाहेति मम पृष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: वाणी | लाभ: पीठ और मेरुदंड की रक्षा | अर्थ: वाणी मेरी पीठ की सदा रक्षा करें) 8
ॐ साधकानन्दसन्तोषायै नमः