शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ सर्वराजगृहेस्थितायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी राजाओं के महलों में राज्यलक्ष्मी के रूप में स्थित हैं, उन्हें नमन 14।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
इति श्रीप. प. श्रीवासुदेवानन्दसरस्वतीविरचितं श्रीपरशुरामस्तोत्रं संपूर्णम्॥
ॐ मोदकप्रियाय नमः
ॐ दीनबन्धवे नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम कन्या विवाह बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
तमर्वन्तं न सानसिमरुषं न दिवः शिशुम् । मर्मृज्यन्ते दिवेदिवे ॥
एको हि रुद्रो न द्वितीयाय तस्थुर् य इमांल्लोकानीशत ईशनीभिः।