शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ वराहमूर्तिमते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपयज्ञ-वराह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वराह भगवान का मूर्त रूप धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भूमि-दोष निवारण
विस्तृत लाभ
भूमि-दोष निवारण
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं वाण्यै स्वाहेति मम पृष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: वाणी | लाभ: पीठ और मेरुदंड की रक्षा | अर्थ: वाणी मेरी पीठ की सदा रक्षा करें) 8
ॐ भक्तनिधये नमः
नमो शिव भैरवाय शत्रु नाशाय सर्वभूत दमनाय हुं फट् स्वाहा।
मनसः काममाकूतिं वाचः सत्यमशीमहि। पशूनां रूपमन्नस्य मयि श्रीः श्रयतां यशः॥
ॐ दुर्गमध्यानभासिन्यै नमः
ॐ दुरन्ताय नमः