हनुमान मंत्र
ॐ भविष्यच्चतुराननाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो भविष्य के कल्प में चतुरानन (ब्रह्मा) का पद ग्रहण करेंगे, उन्हें नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ परशुहस्ताय नमः
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥
ॐ ह्रीं क्रीं ह्रीं श्रीं कपाल भैरवाय नमः।
ॐ अतुलायै नमः
ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः ॐ देवलक्ष्म्यै नमः ॐ सर्वोपद्रवनिवारिण्यै नमः।
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥