शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ दुर्गमालोकायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र | जप समय: प्रातः या घोर संकट काल |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका आलोक (दर्शन) अत्यंत दुर्लभ है।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ धनवते नमः।
ॐ विष्णुपत्न्यै नमः
ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम् कारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा।
नमामि भार्गवं रामं रेणुकाचित्तनन्दनं। मोचिताम्बार्तिमुत्पातनाशनं क्षत्रनाशनम्॥
शङ्खेषु चाप कुसुमेषु कुठार पाश चक्राङ्कुशौ कलममञ्जरिका गदाद्यौ । पाणिस्थितैः परिसमाहित भूषणः श्री विघ्नेश्वरो विजयते तपनीयगौरः ॥
ॐ कामदाय नमः