शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ हरीश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वानरों के भी ईश्वर और भगवान हरि (विष्णु) के अंश।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अशोकवृक्षवल्लरीवितानमण्डपस्थिते प्रवालबालपल्लवप्रभारुणाङ्घ्रिकोमले। वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ पञ्चवर्णाय नमः
ॐ धनुर्धराय नमः
ॐ सुनासायै नमः
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18
न पुण्यं न पापं न सौख्यं न दुःखं... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥