हनुमान मंत्र
ॐ कर्पूरसागरस्नातायै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
कर्पूर के महासागर में स्नान कर अत्यंत पवित्र रहने वाली।
इस मंत्र से क्या होगा?
समस्त पापों से मुक्ति और परम शुद्धि
विस्तृत लाभ
समस्त पापों से मुक्ति और परम शुद्धि।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पशुपतये नमः
ॐ महानन्दाय नमः
ॐ इन्दिरायै नमः
ॐ कृष्णशक्त्यै नमः
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥