हनुमान मंत्र
ॐ कौतुकिन्यै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
सदैव आनंद, कौतुक और उल्लास से परिपूर्ण रहने वाली।
इस मंत्र से क्या होगा?
निराशा और अवसाद का नाश, जीवन में उत्साह
विस्तृत लाभ
निराशा और अवसाद का नाश, जीवन में उत्साह।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जयायै नमः
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
विष्णवे जिष्णवे महाविष्णवे प्रविष्णवे महेश्वराय
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः वेदैः साङ्गपदक्रमोपनिषदैः गायन्ति यं सामगाः । ध्यानावस्थिततद्गतेन मनसा पश्यन्ति यं योगिनो यस्यान्तं न विदुः सुरासुरगणा देवाय तस्मै नमः ॥
कर्दमेन प्रजाभूता मयि सम्भव कर्दम। श्रियं वासय मे कुले मातरं पद्ममालिनीम्॥
ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नमः