शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ लक्ष्म्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकनकधारा स्तोत्र (श्लोक 1) *
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शुभ लक्षणों से युक्त देवी लक्ष्मी को नमन 50।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15
02
* विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44
03
*
विस्तृत लाभ
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15। * विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44। *
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ॐ तपस्विने नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम तंत्र बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8