शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ महेशकृतसंस्तवाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
स्वयं भगवान शिव (महेश) द्वारा जिनकी स्तुति की गई है।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पावका नः सरस्वती वाजेभिर्वाजिनीवती। यज्ञं वष्टु धियावसुः॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये नित्यानन्दस्वरूपः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ अवलम्बायै नमः
ॐ ह्रीं भीषण भैरवाय सर्व शाप निवारणाय मम वशं कुरु कुरु स्वाहा।
दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयूथपारिः
प्राणश्च मेऽपानश्च मे व्यानश्च मे...