शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
औषधीपति स्तुति
नमो भुवन्तये वारिवस्कृता-यौषधीनां पतये नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारवैदिक चिकित्सा मंत्र
स्वरूपऔषधीपति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
संसार का विस्तार करने वाले, जल के स्रष्टा और औषधियों के स्वामी रुद्र को नमन है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
औषधियों (दवाइयों) का प्रभाव बढ़ना, स्वास्थ्य लाभ
विस्तृत लाभ
औषधियों (दवाइयों) का प्रभाव बढ़ना, स्वास्थ्य लाभ 37।
जप काल
औषधि ग्रहण करते समय।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
ॐ करौ मे देववरदो नृसिंहः पातु सर्वतः
ॐ अधीश्वर्यै नमः
ॐ महाज्वालाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
आर्द्रां यः करिणीं यष्टिं सुवर्णां हेममालिनीम्। सूर्यां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
ॐ दिगम्बराय नमः।