शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ शर्वरीप्रियकारकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरासेश्वर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
रात्रि (शर्वरी- रासलीला) को प्रिय बनाने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
रात्रि के भयों से मुक्ति
विस्तृत लाभ
रात्रि के भयों से मुक्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
भद्रकाल्यै नमो नित्यं सरस्वत्यै नमो नमः। वेदवेदाङ्गवेदान्तविद्यास्थानेभ्य एव च॥
ॐ ज्ञानचक्षुषे नमः।
ॐ महाज्वालाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ स्वाँ हृदयाय नमः, ॐ ह्रीँ शिरसे स्वाहा, ॐ क्लीँ शिखायै वषट्, ॐ ऐँ कवचाय हुं
ॐ उदधिक्रमणाय नमः
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥