शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ वन्दनाप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपस्तुति-प्रिय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वंदना और स्तुति से प्रसन्न होने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रार्थनाओं में शक्ति और एकाग्रता का आना
विस्तृत लाभ
प्रार्थनाओं में शक्ति और एकाग्रता का आना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अष्टमूर्तये नमः।
कथं जयेयुर्वीरेन्द्राः कवचैर्नावृताङ्गकाः। प्रयान्ति भीता रामस्य वर्मणा वीक्ष्य रक्षितम्॥
कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम्। सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये चन्द्रः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ श्रीमते नमः
ॐ शुकवागमृताब्धीन्दवे नमः