शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ जितक्रोधाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपक्रोध-विजेता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने अपने उग्र क्रोध पर पूर्ण विजय प्राप्त कर ली है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
क्रोध शमन
विस्तृत लाभ
क्रोध शमन
जप काल
क्रोध आने पर
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ स्मितास्यायै नमः
ॐ रणरङ्गजयाय नमः
कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम्। दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियं लोके देवजुष्टामुदाराम्। तां पद्मिनीमीं शरणमहं प्रपद्येऽलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वां वृणे॥
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥ 16