शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ भवसागरनाविकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपनाविक (माझी)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भवसागर पार कराने वाले नाविक स्वरूप देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संसार रूपी उलझनों से निर्विघ्न पार निकल जाना
विस्तृत लाभ
संसार रूपी उलझनों से निर्विघ्न पार निकल जाना।
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ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अन्तश्चेतनात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ यन्त्रकर्तृप्रियङ्कर्यै नमः
ॐ दीर्घकामाय नमः।
शिवेन वचसा त्वा गिरिशाच्छा वदामसि। यथा नः सर्वमिज्जगदयक्ष्मं सुमना असत्॥
ॐ महा काल्यै च विद्महे श्मशान वासिन्यै च धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात
ऋतं सत्यं परं ब्रह्म पुरुषं कृष्णपिङ्गलम्