शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ शचीनाथचतुर्वक्त्रदेवदैत्याभिवन्दिताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्व-पूज्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
इंद्र, ब्रह्मा (चतुर्वक्त्र), देव और दैत्यों द्वारा वंदित देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मित्रों और शत्रुओं, दोनों से सम्मान प्राप्त होना
विस्तृत लाभ
मित्रों और शत्रुओं, दोनों से सम्मान प्राप्त होना।
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