शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
षडक्षर मूल मंत्र
ॐ शरवणभवाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारउपासना मंत्र
स्वरूपसरवनभव / मुरुगन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शरवण (सरकंडों के वन) में उत्पन्न होने वाले भगवान सुब्रह्मण्य को मेरा नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अज्ञान नाश, भयमुक्ति, सर्वबाधा निवारण
विस्तृत लाभ
अज्ञान नाश, भयमुक्ति, सर्वबाधा निवारण।
जप काल
मंगलवार या षष्ठी को स्फटिक माला से 108 जप।
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