शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारदशाक्षरी मन्त्र (10-Syllable Govinda Mantra) / तान्त्रिक गोपाल मन्त्र
स्वरूपगोपीनाथ / रासेश्वर कृष्ण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
गोपीजनों के प्राणवल्लभ (भगवान श्रीकृष्ण) को मैं अपनी आहुति (समर्पण) देता हूँ 1।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बृहद्-गौतमीय तन्त्र के अनुसार यह मन्त्र सांसारिक सुख-समृद्धि, इन्द्र-पद के समान ऐश्वर्य और अन्ततः मोक्ष दोनों प्रदान करने में सक्षम है
विस्तृत लाभ
बृहद्-गौतमीय तन्त्र के अनुसार यह मन्त्र सांसारिक सुख-समृद्धि, इन्द्र-पद के समान ऐश्वर्य और अन्ततः मोक्ष दोनों प्रदान करने में सक्षम है 1।
जप काल
गुरु-निर्देशानुसार सकाम या निष्काम भाव से पुरश्चरण विधि द्वारा।
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