शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ जयिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपजय-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सदैव विजयी होने वाले भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मुकदमों में सर्वदा विजय
विस्तृत लाभ
मुकदमों में सर्वदा विजय
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भैरवाय नमः।
ॐ सर्वकूटशरीरिण्यै नमः
ॐ वाचे नमः
शिवेन वचसा त्वा गिरिशाच्छा वदामसि। यथा नः सर्वमिज्जगदयक्ष्मं सुमना असत्॥
ॐ हुं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्॥
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8