शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ कुब्जाकृष्णाम्बरधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपकुब्जा-उद्धारक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कुब्जा द्वारा दिए गए चन्दन और वस्त्र धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक दोष शान्ति
विस्तृत लाभ
शारीरिक दोष शान्ति
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ॐ सिद्धयै नमः
अमरिडर थीर अमराम् पुरिन्थाकुमरन आदि नेञ्जे कुरि
ॐ ज्वलन्मुखाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ भक्तानां शान्तिदायिने नमः।