शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ भोक्त्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
स्वयं ही प्रकृति का उपभोग करने वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
उचित सांसारिक सुखों का निर्दोष भोग
विस्तृत लाभ
उचित सांसारिक सुखों का निर्दोष भोग 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
दुष्टं क्षत्रं भुवो भारमब्रह्मण्यमनीनशत्। तस्य नामानि पुण्यानि वच्मि ते पुरुषर्षभ॥
ॐ अवनीधारिण्यै देव्यै नमः
ॐ सनातनाय नमः
ज्ञानं देहि स्मृतिं देहि विद्यां देहि देवते। प्रतिष्ठां कवितां देहि शक्तिं शिष्यप्रबोधिकाम्॥
ॐ करपूज्यायै नमः
क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठामलक्ष्मीं नाशयाम्यहम्। अभूतिमसमृद्धिं च सर्वां निर्णुद मे गृहात्॥