शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ द्वारकानायकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपद्वारकाधीश
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
द्वारका के नायक (द्वारकाधीश) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
राज-कृपा एवं वैभव
विस्तृत लाभ
राज-कृपा एवं वैभव
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जितमित्राय नमः
ध्यायेच्च तामस क्षत्र रुधिर रक्त परश्वधम्। रक्त नेत्रं करस्थं ब्रह्म सूत्रं यम प्रभम्॥
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।
ॐ पार्वतीप्रियनन्दनाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं धन लक्ष्म्यै नमः।
ॐ चुं चण्डीश्वराय तेजस्याय चुं ॐ फट्