शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ द्विषण्णेत्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूप12 नेत्र वाले
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बारह नेत्रों वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दूरदर्शिता और सूक्ष्म दृष्टि का विकास
विस्तृत लाभ
दूरदर्शिता और सूक्ष्म दृष्टि का विकास।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ रुद्ररूपाय नमः।
ॐ गुणवत्यै नमः
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ ब्रह्मणे नमः
ॐ त्रैलोक्यकुटुम्बिन्यै नमः
ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः