शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
त्रिपुर भैरव मंत्र
ह्रीं श्रीं हंसः ह्लसौं स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारमोक्ष प्रदायक बीज
स्वरूपत्रिपुर भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
त्रिपुर भैरव को आहुति समर्पित है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शिव-शक्ति के एकाकार का अनुभव (हंसः)
विस्तृत लाभ
शिव-शक्ति के एकाकार का अनुभव (हंसः) 7।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पञ्चकूटायै नमः
ॐ पूर्णायै नमः
ॐ अनन्ताय नमः
ॐ शरणागतवत्सलाय नमः
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः वेदैः साङ्गपदक्रमोपनिषदैः गायन्ति यं सामगाः । ध्यानावस्थिततद्गतेन मनसा पश्यन्ति यं योगिनो यस्यान्तं न विदुः सुरासुरगणा देवाय तस्मै नमः ॥
योगीश्वरो महासेनः कार्तिकेयोऽग्निनन्दनः । स्कन्दः कुमारः सेनानीः स्वामी शङ्करसम्भवः ॥