शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
जयिनी शक्ति मंत्र
झ्म्र्यूं (Jhmryūm)
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारतांत्रिक बीज मंत्र
स्वरूपजयिनी नित्या
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
विजय प्रदायिनी शक्ति का आवाहन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आध्यात्मिक और लौकिक जीवन में सर्वत्र विजय
विस्तृत लाभ
आध्यात्मिक और लौकिक जीवन में सर्वत्र विजय।
जप काल
ध्यान के साथ न्यास।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्। सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदाऽवतु। (स्वरूप: वाग्देवता | लाभ: मस्तक, आज्ञा चक्र व विचार-केंद्र की रक्षा | अर्थ: श्रीं बीज रूपी वाग्देवता मेरे ललाट की सदा रक्षा करें) 8
ॐ कमनीयाय नमः।
ॐ श्यामकन्धराय नमः
ॐ दैत्यकार्यविघातकाय नमः
ॐ भालचन्द्राय हुं