शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ कमलाननायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो कमल के समान खिले हुए मुख वाली हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
रूप-सौंदर्य और कांति में वृद्धि
विस्तृत लाभ
रूप-सौंदर्य और कांति में वृद्धि।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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ॐ दुर्भेदाय नमः
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम् । वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि ॥
अष्टदलोपरिवेष्टितलिङ्गं सर्वसमुद्भवकारणलिङ्गम्। अष्टदरिद्रविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ कल्पलतायै नमः
ॐ त्रैलोक्यकुटुम्बिन्यै नमः
ॐ ऐं क्लीं सौः बाले ब्राह्मि ब्रह्मपत्नि ऐं वद वद वाग्वादिनि स्वाहा