शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ कामपीठविलासिन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
काम-पीठ (इच्छाओं के केंद्र) में आध्यात्मिक क्रीड़ा करने वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
यौनाचार की ऊर्जा का आध्यात्मिक ऊर्ध्वगमन (ऊर्ध्वरेता सिद्धि)
विस्तृत लाभ
यौनाचार की ऊर्जा का आध्यात्मिक ऊर्ध्वगमन (ऊर्ध्वरेता सिद्धि)।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पूर्वे असितांग भैरवाय नमः पूर्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
ॐ खरध्वंसिने नमः
ॐ अमृताय नमः
ॐ शूराय नमः
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥