शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ माधवाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपमाधव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ज्ञान के अधिपति और लक्ष्मीपति को नमन।
जप काल
दैनिक दिनचर्या के हर सामान्य कार्य में
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अधरौष्ठं हृषीकेशो दन्तपंक्तिं गदाग्रजः । रासेश्वरश्च रसनां तालुकं वामनो विभुः ॥
ॐ दुर्गार्तिशमन्यै नमः
ॐ कण्ठं मे पातु नृहरिर्भूभृदनन्तकोटनः
ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै एह्येहि सर्वसौभाग्यं देहि मे स्वाहा।
ॐ नमो भगवते संहार भैरवाय भूत प्रेत पिशाच ब्रह्म राक्षसान् उच्चाटय उच्चाटय संहारय संहारय सर्व भय छेदनं कुरु कुरु स्वाहा।
ॐ मायामानुषचारित्राय नमः